विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.बी. सिंह ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य परंपरा होने के साथ स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का प्रभावी माध्यम है। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखकर योग, अनुशासन और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने एनएसएस द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की।
कार्यक्रम आयोजक एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरुण कुमार यादव ने कहा कि नशामुक्ति केवल अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता के साथ योग, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में दर्शनशास्त्र विभाग के पवन गंगवार ने अतिथियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. प्रतिभा सक्सेना सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, एनएसएस स्वयंसेवक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
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