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दिव्यांगों के मसीहा बने एम आर पाशा: राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के बैनर तले छेड़ा हक की लड़ाई का शंखनाद

भोपाल सिंह 01 Sep 2026 26 Views 2 min read बिजनौर
दिव्यांगों के मसीहा बने एम आर पाशा: राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के बैनर तले छेड़ा हक की लड़ाई का शंखनाद
दिव्यांगों के मसीहा बने एम आर पाशा: राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के बैनर तले छेड़ा हक की लड़ाई का शंखनाद

बिजनौर। देश के लाखों दिव्यांगजनों के हक और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष  एम आर पाशा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।एम आर पाशा ने बहुत ही कम उम्र में यह ठान लिया था कि समाज में जो वर्ग सबसे ज्यादा उपेक्षित है, उसकी आवाज बनना है। इसी सोच के साथ उन्होंने *राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन* की नींव रखी, जो आज देश के कोने-कोने में दिव्यांग भाई-बहनों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है।

*संगठन के मुख्य उद्देश्य:*

*1.* दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं, पेंशन, और आरक्षण का पूरा लाभ दिलाना।*2.* शिक्षित दिव्यांग युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना।*3.* समाज में दिव्यांगों के प्रति सम्मान और बराबरी का भाव पैदा करना।*4.* विकलांग प्रमाण पत्र, रेलवे पास, और अन्य दस्तावेजों में आ रही समस्याओं का निवारण।राष्ट्रीय अध्यक्ष एम आर पाशा ने कहा, _"हमारा लक्ष्य सिर्फ एसोसिएशन चलाना नहीं है, बल्कि हर दिव्यांग को आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बनाना है। विकलांगता शरीर में होती है, सोच में नहीं। जब तक एक भी दिव्यांग भाई अपने हक से वंचित है, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।"उनके इस जज्बे और निस्वार्थ सेवा भावना के कारण आज हजारों लोग उनसे जुड़ रहे हैं। बिजनौर,सहित पूरे उत्तर प्रदेश में उनके नेतृत्व में संगठन तेजी से विस्तार कर रहा है।राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के सभी जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं ने श्री पाशा जी के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है और उनके हर आह्वान पर साथ खड़े रहने का संकल्प लिया है।


 

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