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सात सितंबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे पंचायत सहायक, कार्य बहिष्कार का दिया अल्टीमेटम

भोपाल सिंह 03 Sep 2026 44 Views 2 min read बिजनौर
सात सितंबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे पंचायत सहायक, कार्य बहिष्कार का दिया अल्टीमेटम
सात सितंबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे पंचायत सहायक, कार्य बहिष्कार का दिया अल्टीमेटम

स्योहारा। पंचायत सहायक सहायक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश (सम्बद्ध- सोशल कम डाटा एंट्री ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 7 सितंबर 2026 से लखनऊ के इको गार्डन में अनिश्चितकालीन विशाल धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही यूनियन ने मांगें पूरी न होने पर पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी भी दी है।इस संबंध में यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) बिजनौर को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों और आंदोलन के बारे में अवगत कराया गया है। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर शासन और विभाग द्वारा सौंपे गए सभी ऑनलाइन, डिजिटल और प्रशासनिक कार्यों का लगातार जिम्मेदारी से निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।यूनियन ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:मानदेय में वृद्धि: पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष न्यूनतम ₹30,000 प्रति माह किया जाए।स्थायीकरण और राज्य कर्मचारी का दर्जा: अनुबंध/संविदा प्रक्रिया को समाप्त कर पंचायत सहायकों को स्थायी करते हुए राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाएप्रतिनिधिमंडल से मुलाकात: मुख्यमंत्री जी से पंचायत सहायकों के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सीधी मुलाकात कराई जाए।महिला कर्मचारियों को सुविधाएं: महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश (मैटर्निटी लीव) की सुविधा दी जाए और ट्रांसफर व समायोजन की नीति लागू हो।भर्ती में आरक्षण: आगामी ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और ग्राम पंचायत अधिकारी (DPO) की भर्ती में पंचायत सहायकों को उनके अनुभव के आधार पर 50 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाए।यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि धरना प्रदर्शन के दौरान उनकी न्यायोचित मांगों पर शासन और प्रशासन स्तर से कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो प्रदेश के सभी पंचायत सहायक पूरी तरह से कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। संगठन ने प्रशासन से अपील की है कि शांतिपूर्ण ढंग से होने वाले इस आंदोलन को सहयोग प्रदान किया जाए और आंदोलन में शामिल होने वाले किसी भी पंचायत सहायक के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।


 

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