​विदेश BREAKING FEATURED

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: 'एल नीनो' का बढ़ता प्रकोप और वैश्विक जलवायु संकट

atul kashyap 06 Aug 2026 14 Views 3 min read
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: 'एल नीनो' का बढ़ता प्रकोप और वैश्विक जलवायु संकट
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: 'एल नीनो' का बढ़ता प्रकोप और वैश्विक जलवायु संकट
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया भर में गंभीर मौसम बदलावों को लेकर एक कड़ा अलर्ट जारी किया है। WMO के अनुसार, प्रशांत महासागर में पैदा हुआ 'एल नीनो' प्रभाव आने वाले महीनों में और अधिक शक्तिशाली होने की ओर बढ़ रहा है। इसके चरम पर पहुंचने की आशंका जताई गई है, जिससे दुनिया भर में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है और कई हिस्सों में भारी सूखा व भीषण गर्मी देखने को मिल सकती है। ​संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एल नीनो पहले से ही अत्यधिक गर्मी, जंगल की आग और समुद्र के तापमान में हो रही वृद्धि से जूझ रही धरती के लिए आग में घी डालने का काम कर रहा है। पूर्वानुमानों के अनुसार, मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के सतह का तापमान सामान्य से 2.9°C अधिक रहने की संभावना है। ​WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने स्पष्ट किया कि केवल मौसम का पूर्वानुमान लगाने से आपदाएं नहीं टलतीं, बल्कि सरकारों और समुदायों को समय रहते पूर्व चेतावनियों के आधार पर ठोस कदम उठाने होंगे। कृषि, स्वास्थ्य और जल संसाधनों पर इसका सबसे गंभीर असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया भर में गंभीर मौसम बदलावों को लेकर एक कड़ा अलर्ट जारी किया है। WMO के अनुसार, प्रशांत महासागर में पैदा हुआ 'एल नीनो' प्रभाव आने वाले महीनों में और अधिक शक्तिशाली होने की ओर बढ़ रहा है। इसके चरम पर पहुंचने की आशंका जताई गई है, जिससे दुनिया भर में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है और कई हिस्सों में भारी सूखा व भीषण गर्मी देखने को मिल सकती है। ​संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एल नीनो पहले से ही अत्यधिक गर्मी, जंगल की आग और समुद्र के तापमान में हो रही वृद्धि से जूझ रही धरती के लिए आग में घी डालने का काम कर रहा है। पूर्वानुमानों के अनुसार, मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के सतह का तापमान सामान्य से 2.9°C अधिक रहने की संभावना है। ​WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने स्पष्ट किया कि केवल मौसम का पूर्वानुमान लगाने से आपदाएं नहीं टलतीं, बल्कि सरकारों और समुदायों को समय रहते पूर्व चेतावनियों के आधार पर ठोस कदम उठाने होंगे। कृषि, स्वास्थ्य और जल संसाधनों पर इसका सबसे गंभीर असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
#agra
संबंधित खबरें
कमेंट करें

अपनी राय या प्रतिक्रिया यहाँ लिखें।