बिजनौर। गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के आंदोलन में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। 15 अक्टूबर से जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरने को लेकर गन्ना समिति में किसानों और संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी मांगें उठाईं। संगठन के अनुसार, मांगों पर सहमति बनने के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया और धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया।पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष सुबे सिंह डागर के दिशा-निर्देश पर जिलाध्यक्ष भूदेव सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में पेराई सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले गन्ने का भाव ₹600 प्रति क्विंटल घोषित करने, पिछले सत्र का बकाया भुगतान कराने तथा पिछले 30 वर्षों के बकाया भुगतान पर नियमानुसार ब्याज दिलाने की मांग की गई।इसके अलावा कोऑपरेटिव एआर को ज्ञापन देकर किसानों से सात प्रतिशत की दर से वसूले गए ब्याज की वापसी की मांग उठाई गई। गन्ना तौल केंद्रों और चीनी मिलों के गेट पर घटतौली रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने तथा बिजनौर की विभिन्न चीनी मिलों में मैली के अलग-अलग निर्धारित रेट को एक समान करने की मांग भी शामिल रही।किसान नेताओं ने कहा कि खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिलना जरूरी है। संगठन ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाता रहेगा।इस दौरान व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रामोद कुमार, जिला प्रवक्ता अनिल कुमार, आसाराम, नीरज कुमार, नोबाहर सिंह, रणजीत सिंह, तेजपाल सिंह, दिनेश कुमार, राजवीर सिंह, प्रदीप कुमार सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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दो नए पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान संगठन ने दो नए पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की। इस्लामपुर निवासी सरदार गुरमीत सिंह को नजीबाबाद तहसील अध्यक्ष तथा जगदीशपुर निवासी बेगराज सिंह को नजीबाबाद ब्लॉक उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि दोनों पदाधिकारी किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए संगठन को मजबूत करेंगे।
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